दोबारा परीक्षा देने की हिम्मत नहीं’, लिखकर जान देने वाली NEET छात्रा के परिवार की कहानी

पेपरलीक के बाद NEET की परीक्षा को रद्द कर दिया गया. इससे परेशान एक छात्रा ने जान दे दी. छात्रा ने लिखा- अब दोबारा परीक्षा देने की हिम्मत नहीं. अब छात्रा के चाचा ने परिवार की परेशानी बताई है.

नागपुर/मऊगंज:

‘यह चूक शासन-प्रशासन की है. हम तो जमीन स्तर के लोग है. सबसे बड़ी गद्दारी शासन की है. जो अपने अधिकारियों पर अंकुश नहीं लगा पाती. अभी मैं तो अपने लिए बोल रहा हूं, लेकिन आगे पूरा देश बोलेगा.’ यह कहना है कि नीट परीक्षा रद्द होने के बाद खुदकुशी करने वाली छात्रा के चाचा का.  मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले की रहने वाली NEET छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी ने आत्महत्या कर ली थी. छात्रा ने सुसाइड नोट भी छोड़ा था, जिसमें उसने लिखा था अब दोबारा परीक्षा देने की हिम्मत नहीं बची.

परिजनों की आंखों में गम के साथ-साथ गुस्सा भी दिखा

परिवार जिस होनहार बेटी के डॉक्टर बनने का सपना देख रहा था, आज वहीं परिवार उस बच्ची के श्राद्धकर्म में लगा दिखा. एनडीटीवी की टीम जब आकांक्षा के घर पहुंची, तो परिवार के हर शख्स की आंखें नम दिखी. बेटी को खोने के गम के साथ-साथ सिस्टम के खिलाफ गुस्सा भी नजर आया.

शासन की गद्दारी के कारण हम मिट्टी में मिल गएः आकांक्षा के चाचा

आकांक्षा के चाचा जगदीश प्रसाद चतुर्वेदी ने बताया कि हमारी बेटी पढ़ने में होशियार थी. उसे पढ़ाने के लिए हमने केसीसी से 3 लाख रुपए रुपए का लोन लिया, फिर नाते-रिश्तेदारों से कुछ पैसा लिया, घर में जो कुछ जमा-पूंजी थी, वो सब लगा दिया. शासन की गद्दारी के कारण हमलोग मिट्टी में मिल चुके हैं.

आकांक्षा के चाचा जगदीश प्रसाद चतुर्वेदी.

आकांक्षा के चाचा जगदीश प्रसाद चतुर्वेदी.

पिता को दो बार हार्ट अटैक, एक बार लगा लकवा

सांत्वान देने कोई आया या नहीं… इस सवाल पर आकांक्षा के चाचा ने कहा कि क्या बात कर रहे हैं सर आप. एक चपरासी तक नहीं आया. कोई नेता नहीं क्यों आएगा. उन्होंने आगे बताया कि आकांक्षा के पिता पहले से बीमार हैं. उन्हें दो बार हार्ट अटैक आ चुका था, एक बार लकवा लग चुका था. बच्ची के चाचा ने बताया कि भतीजी को यह लग गया था कि उसे यह लग गया था कि अब लोग उसे पढ़ा नहीं सकेंगे.

पेपरलीक और परीक्षा रद्द होने से तनाव में थी आकांक्षा

मालूम हो कि आकांक्षा मूल रूप से मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले की रहने वाली थी. उसने 20 मई को नागपुर में आत्महत्या कर लिया था. आकांक्षा के परिजनों का दावा है कि नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और धांधली की खबरों के चलते वह गहरे मानसिक तनाव में थी. आकांक्षा मऊगंज जिले के मगनिया गांव की निवासी थी, मेडिकल की पढ़ाई के लिए वह नागपुर के एक कोचिंग संस्थान में नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थी.

Aaj ki Aawaz MP
Author: Aaj ki Aawaz MP

Latest news

और पढ़ें